सिर्फ एक संकल्प लें और यहां हर तरह की बीमारी का मुफ्त इलाज पाएं



रक्त दान, जीवन दान' तो आपने सुना ही होगा। देश और दुनियाभर में तमाम सरकारें लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करती रहती हैं। इसी तरह से अंगदान करने के लिए भी समय-समय पर नागरिकों को प्रेरित किया जाता है। जैसे आई डोनेशन (आंख दान) करने की मुहिम के लिए ऐश्वर्या राय के चेहरे का इस्तेमाल किया गया। इसी तरह से शरीर के अन्य अंग भी दान किए जा सकते हैं, जिनमें दिल, गुर्दे, फेफड़े आदि भी शामिल हैं। इसके अलावा कई लोग देहदान भी करते हैं। हालांकि इसके लिए प्रचार-प्रसार उस स्तर पर नहीं होता है।

देहदान व नेत्रदान को बढ़ावा देने और इसके प्रति समाज को जागरुक करने के मकसद से इलाहाबाद स्थित मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एक अनूठी पहल करने जा रहा है। यह है नेत्रदान व देहदान की घोषणा करने वालों का मुफ्त इलाज। देशहित और जनहित में यह अनूठी पहल उस दिन होगी, जिस दिन भारत ने आजाद हवा में सांस ली थी, यानि 15 अगस्त से। इस तरह का संकल्प लेने वाले का एक पहचान पत्र बनाया जाएगा। भविष्य में अगर वह कभी बीमार पड़ता है तो अपना पहचान पत्र दिखाकर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में हर बीमारी का मुफ्त इलाज करा सकेगा। इसमें दवा से लेकर खाने-पीने की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज प्रशासन सुलभ कराएगा।

इलाहाबाद में देहदान व नेत्रदान का संकल्प लेने वालों को मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से जुड़े स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, मनोहरदास नेत्र चिकित्सालय में सुविधाएं मिलेंगी। यदि एसजीपीजीआइ लखनऊ अथवा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज की जरूरत पड़ेगी तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसके लिए संपर्क कर उचित इलाज की गुजारिश करेगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एसपी सिंह कहते हैं कि इस पर आने वाले खर्च का बंदोबस्त चंदा के जरिए जुटाया जाएगा। अगर मरीज संपन्न है और वह स्वयं खर्च वहन करना चाहता है, तभी उसे इसकी छूट दी जाएगी।