टीम इंडिया के खिलाड़ी को नहीं मिला दिल्ली युनिवर्सिटी में दाखिला, देना होगा ट्रायल
आईपीएल-10 में विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के सदस्य रहे टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी पवन नेगी को दिल्ली विश्वविद्यालय में सीधे प्रवेश नहीं मिल सका। उन्हें अब स्पोर्ट्स कोटे के तरह एडमीशन लेने के लिए ट्रायल देना होगा।
पिछले सीजन दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें 8.5 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। दसवें सीजन में उन्हें आरसीबी ने 1 करोड़ रुपये खर्च कर अपनी टीम में जगह दी। दो साल में 9.5 करोड़ रुपये कमाने वाले इस करोड़पति खिलाड़ी को डीयू में एडमीशन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
साल 2016 में पवन नेगी को टीम इंडिया में जगह मिली थी। उन्हें एशिया कप और टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में जगह मिली थी। लेकिन इन दोनों टूर्नामेंट्स के दौरान उन्हें केवल एक मैच में खेलने का मौका मिला। यूएई के खिलाफ टी-20 मैच में उन्होंने 3 ओवर में 16 रन देकर एक विकेट हासिल किया था।
डीयू में स्पोर्ट्स कोटे के तहत 5 पर्सेंट सीटें आरक्षित हैं। इसके अंतर्गत सीधे एडमीशन हासिल करने के लिए विद्यार्थी को इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने का सर्टिफिकेट देना होता है। जबकि नेगी ने घरेलू टूर्नामेंट और आईपीएल में खेलने के सर्टिफिकेट दिए थे। इसलिए उन्हें अब कई और दूसरे खिलाड़ियों की तरह ट्रायल देना होगा। जिसमें पास होने पर उन्हें युनिवर्सिटी में प्रवेश मिल जाएगा।
साल 2016 में पवन नेगी को टीम इंडिया में जगह मिली थी। उन्हें एशिया कप और टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में जगह मिली थी। लेकिन इन दोनों टूर्नामेंट्स के दौरान उन्हें केवल एक मैच में खेलने का मौका मिला। यूएई के खिलाफ टी-20 मैच में उन्होंने 3 ओवर में 16 रन देकर एक विकेट हासिल किया था।
डीयू में स्पोर्ट्स कोटे के तहत 5 पर्सेंट सीटें आरक्षित हैं। इसके अंतर्गत सीधे एडमीशन हासिल करने के लिए विद्यार्थी को इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने का सर्टिफिकेट देना होता है। जबकि नेगी ने घरेलू टूर्नामेंट और आईपीएल में खेलने के सर्टिफिकेट दिए थे। इसलिए उन्हें अब कई और दूसरे खिलाड़ियों की तरह ट्रायल देना होगा। जिसमें पास होने पर उन्हें युनिवर्सिटी में प्रवेश मिल जाएगा।
